Bhoot ki Kahani || Rakshas ki Kahani, kahaniya

Bhoot ki Kahani || Rakshas ki Kahani, kahaniya

नमस्कार मित्रो स्वागत है आपका हमारे कहानिया(kahaniya) की कैटेगरी की एक और कहानी मैं। इस कहानी का नाम है “भूत की कहानी(bhoot ki kahani) ” यह कहानी है एक गाओं की जहाँ खूब सरे लोग रहा करते थे इस गाओं का नाम था जूनागढ़। पर इस गाओं मैं एक बहुत पुरानी हवेली थी जिसमे एक बहुत बड़ा राक्षस रहा करता था। अगर कोई इस गाओं मैं जाता तो उससे साफ़ साफ़ कह दिया जाता था की उस पुरानी हवेली की तरफ न जाए।

पर वो राक्षस गाओं मैं आ जाता था और छोटे बच्चो को अपने साथ ले जाता था। और उनको मार देता या क्या करता किसी को कुछ पता नहीं था क्यूंकि कोई भी उससे उलझने की हिम्मत नहीं करता था। सब लोग परेशान हो गए और सोचने लगे की कैसे अब यहां से इस राक्षस को भगाया जाय।

 

जब लोगों को विकराल और गब्राल के बारे मैं पता चला

bhoot ki kahani

गाओं के लोग परेशान होकर यह सोचने लगे की हमे इस मुसीबत से छुटकारा कोण दिला सकता हैं। तभी एक आदमी बोला की इस मुसीबत से तो बस दो ही आदमी छुटकारा दिला सकते हैं। गाओं वालों के पूछने पर उस आदमी ने बताया की उनका नाम है विकराल और गबराल। (bhoot ki khani)

जब गाओं वालों ने पूछा की वो कैसे उनके पास जाएं और कैसे वो उनसे मिल सकते हैं। तो आदमी ने उनका पता दिया और कहा की उनकी कंपनी का नाम है sshh koi hai गाओं वाले तो नाम सुनकर सहम गए। उन्होंने कहा की यह कोई दूसरे भूत तो नहीं है। तो आदमी ने कहा की वो इन भूतों के काल हैं। उनसे कोई आज तक बच नहीं सका।

 

जब गाओं वाले विकराल और गबराल से मिलने sshh koi hai गए 

गाओं वालों ने अब सोच लिया था की वो sshh koi hai जाकर ही विकराल और गबराल को बुला कर ले आएंगे। जब गाओं वाले sshh koi hai गए तो उन्हें वहां गबराल मिला और गाओं वालों ने देखा की वो तो एक बहुत छोटा सा आदमी है। उन्होंने सोचा की यह पाओ किलो का बोना आदमी उन्हें कैसे बचा पाएगा।

पर गबराल उन्हें sshh koi hai के ऑफिस के अंदर तक ले गया जब वो लोग विकराल से मिले तो उन्हें यकीं हुआ की नहीं वो लोग सही जगह पर आये हैं। विकराल एक 7 फुट ऊँचा और गठीले शरीर का आदमी था। तो गब्र्याल ने विकराल को साडी बातें बताई और कहा की गाओं वाले उन दोनों से मदद चाहते हैं।

(bhoot ki kahani)पर इसपर विकराल ने अपनी फीस बोली जिसे सुनकर गाओं वाले सहम गए। उन्होंने कहा की राक्षस ने उनका सब कुछ लूट लिया है उनके पास देने के लिए कुछ भी नहीं है। गाओं वालों की कहानी सुनकर विकराल बोलै की वो सिर्फ पैसों के लिए काम करता है। पर गबराल इस पर पूरी तरह से बिगड़ गया उसने कहा की अगर विकराल नहीं जाएगा तो वो उनकी मदद करेगा। विकराल जानता था की गबराल अकेला गया तो मारा जाएगा इसलिए विकराल गाओं जाने के लिए तैयार हो गया।

 

जब विकराल और गबराल गाओं पहुंचे(bhoot ki kahani)

(bhoot ki kahani)विकराल और गबराल sshh koi hai से निकलकर गाओं पहुँच गए जिस गाओं का नाम था जूनागढ़। गाओं वालों ने उन्हें बताया की इस हवेली मैं राक्षस रहता है। तो इस पर विकराल पूछता है की वो बच्चो को लेने कब आता है तो गाओं वालों ने कहा की वो हर शनिवार को रात को 1 से 2 बजे के बीच मैं आता है और बच्चों को ले जाता है और हम कुछ नहीं कर पाते।

विकराल कहता है की आज शुक्रवार है मतलब वो कल आएगा। शनिवार आ जाता है अब वो दिन आ गया जब राक्षस अपनी हवेली से निकलेगा और बच्चे को उठा ले जाएगा। विकराल और गबराल sshh koi hai के ऑफिस से लाये हुए सासरे सामान को तैयार कर लेते हैं की आज तो राक्षस को पकड़ लेंगे और इस गाओं को आज़ाद कर देंगे।

 

जब राक्षस आ जाता है(bhoot ki kahani)

bhoot ki kahani

शनिवार की रात आ जाती है सारे गांव में सन्नाटा होता है विकराल और गबराल अपने साथ हत्यारों को तैयार रखते हैं और साथ ही उनके पास एक बोतल होती है। जिसमें राक्षस  को कैद कर कर अपने साथ sshh koi hai ले जाना है। रात की 1:00 बज जाते हैं अब समय हो जाता है किसी भी समय राक्षस के आने का। गांव की धरती पर आवाज होने लगती है  धरती हिलने लगती है। सब लोग कहते हैं कि राक्षस आ गया और इतना कहते ही सब लोग अपने घर का दरवाजा बंद कर लेते हैं।

(bhoot ki kahani)कुछ देर बाद आवाज होने लगती है वह आवाज और किसी की नहीं राक्षस की हंसने की आवाज थी। बहुत जोर से एक घर के दरवाजे को तोड़ देता है जिसे देखकर विकराल अपने साथ जादुई धनुष बाढ़ ले आता है। और एक बाढ़ राक्षस की तरफ तान कर उस पर वार कर देता है और राक्षस पर उस बादका कोई भी असर नहीं होता है। और राक्षस बच्चे को उठाकर अपनी हवेली की ओर जा निकलता  है।

विकराल और गबराल लाख कोशिश करते हैं और वह राक्षस को रोकने में नाकामयाब रहते हैं। राक्षस बच्चे को लेकर अपनी हवेली में चला जाता है। गांव वाले रोने लगते हैं कहते हैं राक्षस एक और बच्ची को ले गया अब वह भी इस बच्ची की बलि चढ़ा देगा। विकराल और गबराल से कहते हैं आप दोनों को कुछ करना होगा और उस बच्चे को लेकर आना होगा।

 

जब विकराल और गबराल हवेली के अंदर राक्षस से लड़ने चले जाते है

वो राक्षस बच्चे को तो ले ही गया था लेकिन साथ ही साथ विकराल और गबराल सम्मान को भी ठेस पहुंचने लगी थी। वह सोच रहे थे कि ऐसा कोई आज तक राक्षस नहीं जो उन्हें हरा सके और ये राक्षस तो उनके सामने से इस बच्ची को कैसे ले गया। इस बात पर विकराल फैसला करता है कि हम हवेली के अंदर जाएंगे और इस राक्षस को मारकर बच्ची को लेकर आएंगे और अपने सम्मान की भी रक्षा करेंगे।

(bhoot ki kahani)विकराल और गबराल अपने साथ sshh koi hai से  लाए हुए हत्यारों और बोतल के साथ उस हवेली में जाने का फैसला करते हैं। और देखते ही देखते वह दोनों उस हवेली में जा घुसते हैं जिसमें उस राक्षस ने कई बच्चों को बंदी बनाया हुआ था। और वह राक्षस बच्चों के साथ क्या करता था यह भी जानकारी किसी को नहीं थी। यह विकराल और गबराल द्वारा दिया गया सबसे बड़ा जोखिम था पर वह दोनों वीर बिल्कुल भी खबर आए हुए नहीं थे।

 

विकराल और गबराल की हुई राक्षस से लड़ाई

https://www.youtube.com/watch?v=vJ4U0JhCcvw

(bhoot ki kahani)जब विकराल और गबराल हवेली के अंदर जाते हैं तब देखते हैं कि हवेली पूरी तहस नहस  पड़ी हुई है। उस हवेली की दीवारों पर शैतान की फोटो और शैतान जी की मूर्तियां लगी हुई है। चारों तरफ बड़ा ही भयंकर नजारा होता है जिसे देखकर अच्छा-अच्छा डर जाए तो इसे देखकर पाव किलो का बोना गबराल बहुत बुरी तरह डर जाता है। पर विकराल कहता है तुम चिंता मत करो जब विकराल साथ है तो किसी चीज का कोई डर नहीं और दोनों धीरे-धीरे हवेली के अंदर घुसने लगते हैं।

अचानक से गबराल बोलता है sshh koi hai विकराल सामने एकदम से भागने लगता है .उसे राक्षस दिख जाता है वह राक्षस को देखती ही अपने धनुष से बाण चलाने लगता है। राक्षस भी अपने जादुई हत्यारों का प्रयोग करने लगता है। पर विकराल के पास उसके सारी ही जादू का सही जवाब होता है और वो राक्षस क्यों मुंह तोड़ जवाब देता है।

 

जब विकराल राक्षस को बोतल मैं बंद कर देता है और बच्चों को छुड़ा लेता है 

विकराल और राक्षस के बीच में बहुत ही भयंकर लड़ाई हो रही होती है कोई पीछे हटने को तैयार नहीं होता है। तभी विकराल कहता है गबराल तुम जाकर कमरों में देखो कहीं बच्चे मिलते हैं तो। इतना सुनते ही गबराल सारे कमरों में चलना शुरू कर देता है और एक कमरे में गबराल को 25 से 30 बच्चे देखते हैं। तो वह उन बच्चों को लेकर अपने साथ चलने को कहता है बच्चे डर रहे होते हैं पर गबराल कहता है घबराओ मत मैं तुम्हें बचाने आया हूं तुम मेरे साथ चलो और बच्चे गबराल के साथ चल देते हैं। (bhoot ki kahani)

जब विकराल राक्षस से लड़ रहा होता है तो विकराल को एहसास होता है कि जब विकराल का बाड़ उस राक्षस के कंधे पर लगता है तो राक्षस का कल कुछ छोटा हो जाता है। यही देखकर विकराल दनादन उस राक्षस के कंधे पर वार करना शुरू कर देता है और राक्षस एक छोटा बोना बन जाता है। यह देखकर विकराल उस राक्षस को बिल्कुल छोटा बना देता है और राक्षस कुछ नहीं कर पाता। जब वह राक्षस एक कीड़े की तरह छोटा हो जाता है तो  विकराल उसे लेकर अपनी बोतल में बंद कर लेता है।

 

विकररल और गबराल सब बच्चों को उसके माता पिता के पास छोड़ता है(bhoot ki kahani) 

विकराल और गबराल दोनों ही बच्चों को लेकर उस हवेली से बाहर निकलते हैं। सारे गांव वाले अपने बच्चों को देखकर बहुत खुश हो जाते हैं। बच्चों के माता-पिता और बच्चों को अपने गले से लगा लेते हैं और गांव के लोग विकराल और गबराल के पैर पड़ने लगते हैं। कहते हैं उन्होंने ही उनके बच्चों को बचाया है वह उनके ऋणी रहेंगे और उनका यह एहसान कभी भी नहीं भूलेंगे। (bhoot ki kahani)

विकराल और गबराल अपने हिस्से की तारीफ बटोर कर उस गांव से चले जाते हैं। और उस बोतल में उस राक्षस को भी पकड़ कर अपने साथ ही अपने sshh koi hai कंपनी के ऑफिस में ले जाते हैं .तो दोस्तों यह थी कहानियों(kahaniya) की कड़ी में भूत की कहानी आगे भी इस तरीके की कहानियों(kahaniya) को हम आपसे साझा करते रहेंगे और हमारे अन्य लेखों को भी पढ़ें।

 

इन्हे भी पड़ें –

 

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *